DRB POETRY........Dil se.....
Its said that "Love is life.....". This love in life can be for anything. I have discovered my love for poems recently. Trying to pen down my own feelings and my own opinions, through the poems. I am not a great writer or poet. My expressions through the way of words have made the life poetic. Dedication goes to my life partner... my wife.
Tuesday, November 18, 2025
Intezaar
Wednesday, October 9, 2024
Ratan Tata
Thursday, March 9, 2023
उधार की जिंदगी
जिया करते थे जो सब प्यार की जिंदगी
जी रहे है आजकल जैसे उधार की जिंदगी
रफ्तार सी है रूह में, ना जाने क्या पाने की
अचानक यू बदल गई फितरत जमाने की
एक दूसरे के लिए हम होते थे फिक्रमंद
अब तो रिश्ते और दोस्ती रह गई चंद
ऑनलाइन पर फ्रेंड्स रिक्वेस्ट बेशुमार है
बात करने देखा तो कही दो कही सिर्फ चार है
मकसद जीवन का शायद हम रहे है भूल
अनजानी मंजिल को पाने में हो गए मशगूल
वो खिलखिलाहट, वो मस्ती , वो अपनापन
मायूस हो कर बैठा आदमी, जैसे था कोई स्वप्न
आओ फिर मिले, गले लगे , भूल जाए सोशल मीडिया
संग बैठ देखे आकाश की ओर, गिने कौए और चिड़िया
जीवन में चलता रहेगा ये खयाली आना जाना
बस रहेगा साथ गर कुछ , वो अपनो के संग मुस्कुराना
Sunday, May 17, 2020
तपन
उगता है वो सूर्य सा चीर कर पर्वतो का सीना
खुद जलकर सीखाता है वो औरो को जीना
बहता है वो जल सी एक अविरल धारा
सींच कर बंजर जमीन को है उसने संवारा
रात के घने अंधेरे में चमकता आफताब हो
हर कोई पढ़ना चाहे ऐसी एक किताब हो
अश्को के बहते दरिया को मजबूत बांध बनाया
नीरस इस जीवन मे, सुरो का तार बजाया
नम जाये ये जमी, नम जाएगी ये धरा
रहे बरकरार ये गति, चलती रहे ये परंपरा
गर्व है हमे हम आपका अहम हिस्सा है
सक्सेस जिसकी आज एलआयसी मे किस्सा है
ये हमारी तरक्की दिन रात बढती रहे
उचाईयो की पताका पुरे भारत मे फहरती रहे
आशा है ये जूनून ऐसे ही चलता रहे
तरक्कि का ये दिया सालोसाल जलता रहे
ऐसे ही नही बनता कोई जीवन मे नंबर वन
समर्पण है, विचार है, सही है कितनी तपन
नटखट दोस्ती
Friday, January 3, 2020
2020 का आगाज
Wednesday, August 14, 2019
बस चलता चल
लग गए जिंदगी की दौड़ में
मंजिल को पाने की होड़ में
भूल कर तू बीता हुआ पल
बस चलता चल चलता चल
रस्ता देख रही है राहें
पसार कर अपनी यह बाहें
न कर तू देरी अब एक पल
बस चलता चल चलता चल
आएंगी राहों में बहुत सी बाधा
पर न बदल देना तू अपना इरादा
रखना शुरू अपने दिल में हलचल
बस चलता चल चलता चल
ना भटकने देना मंजिल से तेरी यह नजर
ना होने देना उम्मीदों पर तेरी कोई असर
दिल में बस मची रहने देना खलबल
बस चलता चल चलता चल
देखकर इरादा तेरा चट्टाने भी चरमराएगी
जो कभी लगती थी मुश्किल वह राह आसान हो जाएगी
समय से लड़ने वाले का खुद समय हो जाएगा कायल
बस चलता चल चलता चल
यूं ही चलता चल चलता चल