Monday, April 22, 2019

आदत सी ही गयी है

पानी की एक बूंद थी, एक गहरा सागर तूने बनायाo
दिल के आईने को अपनी चमक से तूने चमकाया

डगर अनजान थी, कठिन था रास्ता
साथ था तेरा, चल पड़े आहिस्ता आहिस्ता

आयी जीवन मे खुशियां और कई बाधा
तेरे साथ की ताकत से न बदला कभी इरादा

दिन बीते, महीने बीते, बीत गए 25 साल
बीते हुए हर पल में दिल मे सिर्फ तेरा ख्याल

तेरे खयालो का ये सिलसिला एक आदत बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है

तेरी तकरार तेरा ये प्यार, एक शरारत सी बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है

तेरा मुस्कुराना , सुनती क्या बुलाना, मानो इबादत सी बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है

तेरी इन आदतों का ये सिलसिला युही चलता रहे
तेरी हर धड़कन से ये जीवन मेरा चलता रहे
तेरी हर एक अदा अपने आप मे मेरी चाहत सी बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है

Thursday, April 4, 2019

इंसानियत की किताब

मजहब के नही अब मतलब हो गए है महाग्रंथ
इंसानियत टुकड़े हो रहे है, बन रहे अनेक पंथ

अपने मतलब से सब लिख रहे है गीता,
कोई अब किसी के लिए नही जीता

अपने मतलब से सब लिख रहे है कुरान
पाक काम छोड़ नापाक हो रहे इंसान

अपने मतलब से सब लिख रहे है बाइबल
मानव धर्म छोड़, धर्म परिवर्तन पर है बल

अपने देश को महान बनाने की है अब ललकार
भगवा, नीला हरे रंग की लडाई से मचा है हाहाकार

चंद वादों और मीठी बातो का है ये ढकोसला
दीमक से खतरनाक है ये, कर रहे देश खोकला

चुनाव से पहले किसी को किसी से नही होता द्वेष
मौका मिलते ही गिरगिट को पीछे छोड़ने का इनका भेष

गार्डन, सफर, होटल, आफिस में साथ रहने की हमे आदत है
मानवता है धर्म हमारा, यही हमारी इबादत है

नही टूटने देंगे इस देश को  धर्म की लड़ाई में
सभी का जीवन सुंदर हैं, मानवता की भलाई में

गीता, कुरान बाइबल छोड़ आओ मानवता की लिखे किताब
न कोई रंग हो ना कोई नियम, बस प्रेम हो बेहिसाब