पानी की एक बूंद थी, एक गहरा सागर तूने बनायाo
दिल के आईने को अपनी चमक से तूने चमकाया
डगर अनजान थी, कठिन था रास्ता
साथ था तेरा, चल पड़े आहिस्ता आहिस्ता
आयी जीवन मे खुशियां और कई बाधा
तेरे साथ की ताकत से न बदला कभी इरादा
दिन बीते, महीने बीते, बीत गए 25 साल
बीते हुए हर पल में दिल मे सिर्फ तेरा ख्याल
तेरे खयालो का ये सिलसिला एक आदत बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है
तेरी तकरार तेरा ये प्यार, एक शरारत सी बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है
तेरा मुस्कुराना , सुनती क्या बुलाना, मानो इबादत सी बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है
तेरी इन आदतों का ये सिलसिला युही चलता रहे
तेरी हर धड़कन से ये जीवन मेरा चलता रहे
तेरी हर एक अदा अपने आप मे मेरी चाहत सी बन गयी है
तेरी हर आदत की मुझे आदत सी पड़ गयी है