Tuesday, September 18, 2018

बेमतलब जिंदगी

रेत के घर बनाते बनाते न जाने कब बड़े हो गए
ईंट और पत्थरों के घर सच मे खड़े हो गए

रेत के घर बनाते थे तोड़ते थे
खुशी और गम कोअपने हिसाब से मोड़ते थे

रूठने मनाने का एक अपना था एहसास
दोस्तो संग खिलखिलाने के पल थे वो खास

बढ़ा कुछ इस रफ्तार से ये जीवन
न जाने कब छुटे साथी , छुटा अपनापन

अब तो बस भाग दौड़ में कट रही है जिंदगी
जिम्मेदारियों के सामने बंट रही है जिंदगी

कभी कभी लगता है, क्यों हम बड़े हो गए
क्यों ये ईंट पत्थरो के घर खड़े हो गए

माना कच्चा ही सही पर , पर रेत का वो घर ही था अच्छा
इस मतलब भरी जिंदगी से ,
वो बेमतलब जीवन ही था सच्चा

Thursday, May 10, 2018

राजनीति की आंधी

ये जो राजनीति की चल रही आंधी है
इसका कसूरवार न मोदी है न गांधी है

आज़ादी से अब तक मांगेंगे अगर हिसाब
अच्छे और बुरे कर्मो का लेखा है बेहिसाब

देश को यहां तक लाने में सच्चो का है बलिदान
उनके बलिदान को खुद का बताते है कुछ शैतान

मत बनो किसी पार्टी के चमचे या अंधे भक्त
पार्टियों की लड़ाई में बिगड़ जाएगा ये वक्त

बनो अच्छे नागरिक , खुली रखो अपनी आंखें
मत चुन बैठना ऐसो को, की सुननी पड़े बाते

धर्म के नाम पर कम से कम आज तो मत लड़ो
पार्टी प्रेम छोड़ कर सिर्फ अच्छे लोगो को चुनो

करवा रहे हमसे शब्दो के वार सोशल मीडिया द्वारा
भड़का रहे आपस मे हमे, खत्म कर रहे भाई चारा

नही जो आज अक्कल लगाई, तो होगी बर्बादी
अपना घर बचाने नही आएगा मोदी या कोई गांधी

मत लेना किसी से नोट, देकर अपना कीमती वोट
उनकी नियत में है खोट, देश पर करते है वो चोट

इस राजनीति की आंधी के हम खुद ही होंगे कसूरवार
सोचो आने वाली पीढ़ी करेगी नफरत या प्यार

अपने क्षेत्र के अच्छे उम्मीदवार को ही हमे लाना है
देश का हम पर बरसो का ये कर्जा अब हमें चुकाना है ।

सिर्फ तुम (अपनी जीवनसंगिनी को पूर्ण रूप से समझने वाले के लिए समर्पित)

*सिर्फ तुम*
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समुद्र की एक लहर हो तुम
जीवन का हर पहर हो तुम

विचारो के दरिया में रहती हो डूबी🤔
फिर भी सरल रहती बखूबी

दिल❣ जीत तुमने सबको अपनाया
पत्थर के मकान को घर 🏛बनाया

ना जीवन मे कोई बड़ी चाह है
न खुद के प्रति कोई परवाह हैं

ऊपरवाले के मन मे एक विचार आया
सादगी की सुंदर मूर्त तुमको बनाया🤱🏻

मोमबत्ती 🕯की तरह पिघल रही है जिंदगी
पर पिघल कर देती है उजाला 💡
ऐसी ही अपनी चाहतो को दफना⚰ कर तुमने सबको संभाला

आईना भी तुनको पूछे कि कौन हो तुम
मन🙄 मे जंग छिड़ी है, पर फिर भी मौन हो तुम

दे रही हो तुम इम्तेहान ए मोहब्बत
वक्त ⏰भी कितना सख्त है कमबख्त

दरिया में अविरल बहता है पानी🚰
नीम की मिठास है तुम्हारी कहानी

मन ही मन जल रही हो जैसे धूप🌄 और अगन
फिर भी शीतलता हैं, मनमौजी और मगन

कशमकश से न हारी हो, ना हारना
इकबाल ए रिश्तों 👩‍👩‍👦‍👦 में , सबको है तारना

माना समय की उलझन में हम😢 उलझ गए है
पर तुमसे मिलकर जीवन के पहलू सुलझ गए है 😇

पाकर तुमको हमने सारा जहां पा लिया 😘
दिल के एक किनारे में तुमको दिल बना लिया💝

एक दिन आएगा जब चमकेगी रिश्तों की तलवार🗡
इस रिश्ते को बनाएंगे हम प्रभु का उपहार🕉

कांटो भरे जीवन मे महकता गुलाब हो तुम🌷
अंधेरे में चमकता एक आफताब (सूरज)🌞 हो तुम
यूँही नही करते हम मोहब्बत आपसे
खुली आँखों मे भरा एक ख्वाब तुम 🤩

रिश्तों के धागों में एक रिश्ता है साथी
उन रिश्तों से ऊपर है रिश्ता अपना ए जीवन साथी💞

नरम पड़ते रिश्तों को अब है कसना🤝🏻
दिल की गहराइयों में दिल से है बसना🤴🏻👸🏻

समय न रुका है ना इसे रोक पाएंगे
हर पल जीवन को खुशी से मनाएंगे😄

इकरार ए मोहब्बत में करता हु ये वादा🙌🏻
दिल से सारी खुशियाँ देने का है इरादा🧚🏻‍♀

अपने आब ए चश्म (आंसू) पर इतना अत्फ़ (दया) करना😭
हो जैसी भी राहे, ना बहने पाए ये झरना

हरदम रहना थोड़ी इठलाती, बलखाती
ये दिल चाहे तुम्हे हरदम, ऐसे ही *मेरी स्वाती*
❤💛💚💜💙🧡🖤