*सिर्फ तुम*
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समुद्र की एक लहर हो तुम
जीवन का हर पहर हो तुम
विचारो के दरिया में रहती हो डूबी🤔
फिर भी सरल रहती बखूबी
दिल❣ जीत तुमने सबको अपनाया
पत्थर के मकान को घर 🏛बनाया
ना जीवन मे कोई बड़ी चाह है
न खुद के प्रति कोई परवाह हैं
ऊपरवाले के मन मे एक विचार आया
सादगी की सुंदर मूर्त तुमको बनाया🤱🏻
मोमबत्ती 🕯की तरह पिघल रही है जिंदगी
पर पिघल कर देती है उजाला 💡
ऐसी ही अपनी चाहतो को दफना⚰ कर तुमने सबको संभाला
आईना भी तुनको पूछे कि कौन हो तुम
मन🙄 मे जंग छिड़ी है, पर फिर भी मौन हो तुम
दे रही हो तुम इम्तेहान ए मोहब्बत
वक्त ⏰भी कितना सख्त है कमबख्त
दरिया में अविरल बहता है पानी🚰
नीम की मिठास है तुम्हारी कहानी
मन ही मन जल रही हो जैसे धूप🌄 और अगन
फिर भी शीतलता हैं, मनमौजी और मगन
कशमकश से न हारी हो, ना हारना
इकबाल ए रिश्तों 👩👩👦👦 में , सबको है तारना
माना समय की उलझन में हम😢 उलझ गए है
पर तुमसे मिलकर जीवन के पहलू सुलझ गए है 😇
पाकर तुमको हमने सारा जहां पा लिया 😘
दिल के एक किनारे में तुमको दिल बना लिया💝
एक दिन आएगा जब चमकेगी रिश्तों की तलवार🗡
इस रिश्ते को बनाएंगे हम प्रभु का उपहार🕉
कांटो भरे जीवन मे महकता गुलाब हो तुम🌷
अंधेरे में चमकता एक आफताब (सूरज)🌞 हो तुम
यूँही नही करते हम मोहब्बत आपसे
खुली आँखों मे भरा एक ख्वाब तुम 🤩
रिश्तों के धागों में एक रिश्ता है साथी
उन रिश्तों से ऊपर है रिश्ता अपना ए जीवन साथी💞
नरम पड़ते रिश्तों को अब है कसना🤝🏻
दिल की गहराइयों में दिल से है बसना🤴🏻👸🏻
समय न रुका है ना इसे रोक पाएंगे
हर पल जीवन को खुशी से मनाएंगे😄
इकरार ए मोहब्बत में करता हु ये वादा🙌🏻
दिल से सारी खुशियाँ देने का है इरादा🧚🏻♀
अपने आब ए चश्म (आंसू) पर इतना अत्फ़ (दया) करना😭
हो जैसी भी राहे, ना बहने पाए ये झरना
हरदम रहना थोड़ी इठलाती, बलखाती
ये दिल चाहे तुम्हे हरदम, ऐसे ही *मेरी स्वाती*
❤💛💚💜💙🧡🖤