ये जो राजनीति की चल रही आंधी है
इसका कसूरवार न मोदी है न गांधी है
आज़ादी से अब तक मांगेंगे अगर हिसाब
अच्छे और बुरे कर्मो का लेखा है बेहिसाब
देश को यहां तक लाने में सच्चो का है बलिदान
उनके बलिदान को खुद का बताते है कुछ शैतान
मत बनो किसी पार्टी के चमचे या अंधे भक्त
पार्टियों की लड़ाई में बिगड़ जाएगा ये वक्त
बनो अच्छे नागरिक , खुली रखो अपनी आंखें
मत चुन बैठना ऐसो को, की सुननी पड़े बाते
धर्म के नाम पर कम से कम आज तो मत लड़ो
पार्टी प्रेम छोड़ कर सिर्फ अच्छे लोगो को चुनो
करवा रहे हमसे शब्दो के वार सोशल मीडिया द्वारा
भड़का रहे आपस मे हमे, खत्म कर रहे भाई चारा
नही जो आज अक्कल लगाई, तो होगी बर्बादी
अपना घर बचाने नही आएगा मोदी या कोई गांधी
मत लेना किसी से नोट, देकर अपना कीमती वोट
उनकी नियत में है खोट, देश पर करते है वो चोट
इस राजनीति की आंधी के हम खुद ही होंगे कसूरवार
सोचो आने वाली पीढ़ी करेगी नफरत या प्यार
अपने क्षेत्र के अच्छे उम्मीदवार को ही हमे लाना है
देश का हम पर बरसो का ये कर्जा अब हमें चुकाना है ।