Tuesday, November 18, 2025

Intezaar

 सुरज की गर्मी से तपती धरा को  कुछ बूंदों का इंतेज़ार है 
लहरों से लड़ती हर कस्ती को, साहिल पर जाने का इंतेज़ार है 

नादान है वो जो समझते है सफलता को आसान
हर सफल व्यक्ति के जीवन में न जाने कितने असफलताओं के भंडार है ।

मिलकर किसी से अपनी भावनाओं का करना इजहार है
न जाने कितने दिल के रिश्तों को इस बात का इंतेज़ार है